क्यों खास है २० फरवरी? और साथ ही जाने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में घूमने की बेस्ट जगहें
२० फरवरी पूर्वोत्तर भारत के लिए बेहद खास दिन है। इसी दिन दो खूबसूरत राज्यों - अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम - को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। साल १९८७ में ये दोनों राज्य आधिकारिक रूप से भारत के नक्शे पर अलग पहचान के साथ उभरे।
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| अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम |
पूर्वोत्तर भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और रणनीतिक महत्व के लिए जाना जाता है। २० फरवरी का दिन न केवल प्रशासनिक उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की पहचान, संघर्ष और विकास यात्रा का उत्सव भी है।
• क्यों खास है २० फरवरी?
१. अरुणाचल प्रदेश स्थापना दिवस का इतिहास:
अरुणाचल प्रदेश पहले नोर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (NEFA) के नाम से जाना जाता था। २० फरवरी १९८७ को इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। चीन, भूटान और म्यांमार से लगी सीमाओं के कारण यह राज्य रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
२. मिजोरम स्थापना दिवस की पृष्ठभूमि:
मिजोरम पहले असम का हिस्सा था। लंबे समय तक चले सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों के बाद १९८६ में मिजोरम शांति समझौता हुआ और २० फरवरी १९८७ को इसे राज्य का दर्जा दिया गया।
३. कैसे मनाया जाता है यह दिन?
इस दिन राज्यभर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड, पारंपरिक नृत्य, पुरस्कार वितरण और सरकारी समारोह आयोजित किए जाते हैं। स्थानीय लोग अपनी परंपराओं और विरासत का प्रदर्शन करते हैं, जिससे यह दिन उत्सव जैसा माहौल बना देता है।
• अरुणाचल प्रदेश: प्राकृतिक सुंदरता का खजाना
घने जंगल, बर्फ से ढकी पहाडियां और शांत मठ - अरुणाचल प्रदेश प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है।
✓ अरुणाचल प्रदेश में घूमने की बेस्ट जगहें:
१. तवांग मठ:
भारत का सबसे बडा और एशिया का दूसरा सबसे बडा बौद्ध मठ। यहां की आध्यात्मिक शांति और पहाडों का दृश्य मन मोह लेता है।
घूमने का सही समय मार्च से जून तक।
२. जीरो वैली:
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में शामिल यह घाटी अपनी हरियाली और अपातानी जनजाति की संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।
घूमने का सही समय अप्रैल से अक्टूबर तक।
३. सेला पास:
१३,७०० फीट की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा बर्फीले दृश्यों के लिए जाना जाता है।
घूमने का सही समय मई से सितंबर तक।
४. नामदफा राष्ट्रीय उद्यान:
वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास जगह, जहां दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिलती हैं।
घूमने का सही समय नवंबर से अप्रैल तक।
५. बुमला पास:
भारत-चीन सीमा पर स्थित यह स्थान देशभक्ति और रोमांच दोनों का अनुभव देता है।
घूमने का सही समय मई से अक्टूबर तक।
• मिजोरम: शांति और खूबसूरती की धरती
शांत पहाडियां, झरने और साफ-सुथरे शहर - मिजोरम सुकून भरी यात्रा के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।
✓ मिजोरम में घूमने की बेस्ट जगहें:
१. आइजोल:
राजधानी आइजोल खूबसूरत पहाडियों के बीच बसा शहर है। यहां के चर्च और स्थानीय बाजार खास आकर्षण हैं।
यहां आप लोकल फूड ट्राई कर सकते हैं और म्यूजियम देख सकते हैं।
२. रीएक त्लांग:
रीएक त्लांग ट्रैकिंग और सनसेट व्यू के लिए मशहूर हैं।
टिप: सुबह जल्दी पहुंचें
३. वंटौंग फोल्स:
मिजोरम का सबसे ऊंचा और खूबसूरत झरना।
घूमने का सही समय मोनसून के बाद।
४. चम्फाई:
म्यांमार सीमा के पास बसा शांत शहर, जिसे ‘मिजोरम का राइस बाउल’ कहा जाता है।
५. फावंगपुई:
ब्लू माउंटेन के नाम से प्रसिद्ध यह जगह एडवेंचर लवर्स के लिए परफेक्ट है।
• घूमने का सही समय और ट्रैवल टिप्स:
✓ बेस्ट सीजन:
अक्टूबर से अप्रैल का समय सबसे बेहतर माना जाता है। मौसम सुहावना रहता है और प्राकृतिक दृश्य साफ नजर आते हैं।
✓ कैसे पहुंचे:
अरुणाचल प्रदेश के लिए गुवाहाटी एयरपोर्ट और मिजोरम के लिए लेंगपुई एयरपोर्ट मुख्य हवाई अड्डे हैं। वहां से सडक मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।
✓ परमिट जानकारी:
दोनों राज्यों में जाने के लिए भारतीय नागरिकों को इनर लाइन परमिट (ILP) की जरूरत होती है।
✓ बजट और ठहरने के विकल्प:
यहां होमस्टे, गेस्टहाउस और बजट होटल आसानी से मिल जाते हैं। औसतन १५००-३००० रुपये प्रतिदिन में अच्छा ठहराव मिल सकता है।
२० फरवरी सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की पहचान और विकास की कहानी है। अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम न केवल ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद खास हैं।
अगर आप भी भीड से दूर, प्रकृति के करीब और संस्कृति से जुडा अनुभव चाहते हैं, तो इस बार अपनी यात्रा सूची में इन दोनों राज्यों को जरूर शामिल करें।
अब देर किस बात की? अपनी अगली ट्रिप प्लान करें और पूर्वोत्तर की अनदेखी खूबसूरती को खुद महसूस करें!

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